जीवन की लय: योग

सृष्टि के आरंभ से ही ईश्वर ने मानव को दिव्यता का उपहार दिया है। हालांकि समय के साथ-साथ भौतिकता और पशुता का मिश्रण होता गया। लेकिन भारतीय संस्कृति और वेदों में ऐसी कई पद्धितियां हैं, जिससे मानव ईश्वर द्वारा प्रदत्त दिव्यता को सहेज सकता है।   मानव तीन शरीरों से मिलकर बना है। स्थूल शरीर, […]

Mere Papa: My Hero!

समय के चक्र में हर चीज अपना स्वरूप बदलती है। बदलाव ही प्रकृति का नियम है। लेकिन इसी प्रकृति ने एक रिश्ते को सभी बदलावों से परे रखा है। वो है माता-पिता से उनके बच्चों का रिश्ता।   माता-पिता के साथ हर दिन उत्सव सा होता है। 2 November 1936 का दिन किसी उत्सव से […]