रेडियो एक दोस्त

मुझे आज भी याद है कि स्कूल, कॉलेज के समय सुबह की शुरुआत ही रेडियो के बटन को ऑन करने से होती थी। मानो आप सुन रहे हैं “चित्रलोक” ये वाक्य अलार्म हो। कोई भी सुबह बिना रेडियो के ज़हन में याद ही नहीं। रात को “छाया गीत”, आपकी फरमाईश, हवा महल, बिनाका माला सब […]